CJI Deepak Mishra अपने लिए गए फैसलों के लिए हमेशा याद किये जायेंगे

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CJI Deepak Mishra का कार्यकाल मंगलवार को ख़त्म हो रहा है। उन्होंने न्यायपालिका पर बात रखते हुए कहा कि भारतीय न्यायपालिका दुनिया की सबसे बेहतरीन और मजबूत संस्था है,जो हर कठिन से कठिन वक्त में मजबूती से खड़ी रहती है। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम है और हमेशा रहेगा। अपने रिटायरमेंट के आखिरी 15 दिनों में उन्होंने दर्जन भर ऐसे फैसले दिए जिसका पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने पर प्रभाव पड़ सकता है।

CJI Deepak Mishra अपने लिए गए फैसलों के लिए हमेशा याद किये जायेंगे
CJI Deepak Mishra अपने लिए गए फैसलों के लिए हमेशा याद किये जायेंगे

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CJI Deepak Mishra :इंसाफ का चेहरा और रवैया मानवीय होना चाहिए।

अपने विदाई भाषण में उन्होंने कहा कि न्याय का मानवीय चेहरा होना चाहिए। एक गरीब आदमी के आंसू और अमीर के आंसू के बराबर हैं।उन्होंने कहा कि मैं भी युवा पीढ़ी का हिस्सा हूं। इंसाफ का चेहरा और रवैया मानवीय होना चाहिए। न्याय के दोनों पलड़ों में संतुलन होना चाहिए। उनका मूल्य बराबर है। ये आंसू मोती हैं, और मैं उन्हें इंसाफ के दामन में समेटना चाहता हूं। समता के साथ न्याय यानी तब सार्थक होगा जब देश के सुदूर इलाके के हर व्यक्ति को न्याय मिलेगा।

रंजन गोगोई ने की CJI Deepak Mishra की प्रसंशा

रंजन गोगोई ने सोमवार को Chief Justice Deepak Mishra प्रशंसा करते हुये कहा कि नागरिक स्वतंत्रता के मामले में उनका बहुत अधिक योगदान रहा है और इस संबंध में उन्होंने उनके हाल के फैसलों का विशेष उल्लेख किया। न्यायमूर्ति गोगोई, जिन्हें बुधवार को प्रधान न्यायाधीश पद की शपथ दिलायी जायेगी, ने कहा कि न्यायमूर्ति मिश्रा उत्कृष्ठ न्यायाधीश हैं।

उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसले हमेशा याद किये जायेंगे

सिनेमा घरों में राष्ट्रीय गान2016 में जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए कहा कि सिनेमाघर में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रीय गान चलाया जाएगा।

मध्य रात्रि में की सुनवाई

मुम्बई बम्ब धमाको के आरोपी याकूब मेमन की फांसी की याचिका रोकने के लिए दायर याचिक पर आधी रात के बाद दीपक मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की।

समलैंगिकता को दिलाई समाज में पहचान

दीपक मिश्रा ने 6 सितंबर 2018 को धारा 377 को असंवैधानिक करार दिया।

आधार कार्ड पर सुनाया फैसला :27 सितंबर 2018 को आधार कार्ड को संवैधानिक करार दिया।

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